कुछ जख्म सदियों बाद तक भी ताजा रहते हैं
वक़्त के पास भी हर मर्ज़ का इलाज नहीं होता
आपके होठो पर सदा खिलता गुलाब रहे,खुदा ना करे आप कभी उदास रहे,हम आपके पास चाहे रहे ना रहे,आप जिन्हें चाहे वोह सदा आपके पास रहे.
कुछ यूँ उतर गए हो मेरी रग-रग में तुम,
कि खुद से पहले एहसास तुम्हारा होता है।
छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे,
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।
ऐ बेदर्द… सब आ जातें हैं यूँ ही मेरी ‘ख़ैरियत’ पूछने…अगर तुम भी पूछ लो तो यह ‘नौबत’ ही न आए.