जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ,
हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ..!
Yaad rahega ye dour- E hayaat humko
Ki tarse the zindgi me zindgi ke liye
प्यार हो जाता है, करता कौन हैं
हम तो कर देंगे प्यार में जान भी कुरबान,
लेकिन पता तो चले कि..
हम से प्यार करता कौन हैं..!
Ek raat dhadkan ne aankh se pucha.
tu dosti me itni kyu khoi hai?
Tab dil se awaj aayi doston ne hi
saari khusiyan di hai,
warna pyar karke toh ankh royi hai..
अपने इन् हाथों की लकीरों
को क्या देखता हो?
किस्मत तो उनकी भी होती है
जिनके हाथ नहीं होते…