जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ,
हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ..!
सुना है, खुदा के दरबार से कुछ फ़रिश्ते फरार हो गए,
कुछ तो वापस चले गए, और कुछ हमारे यार हो गए
उनका भी कभी हम दीदार करते है,उनसे भी कभी हम प्यार करते है,क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी,पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है..!!
Is qadarr tora hai mujhe uss ke bewafayi ne "ghalib"
Ab koi agar pyar se bhi dekhahai to bikhar jata hoon main.
इस दिल को किसी की आहट की आस रहतीहै, निगाह को किसी सूरत की प्यास रहती है,तेरे बिना जिन्दगी में कोई कमी तो नही, फिरभी तेरे बिना जिन्दगी उदास रहती है॥