दिल की धड़कन को कौन समझेगा।
मेरी उलझन को कौन समझेगा।
एक बेटी नहीं अगर घर में
घर के आंगन को कौन समझेगा।
प्यार हमेशा हद में रहकर किया जाए,
समय बर्बाद होता है अगर बेहद हो जाए
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ…..कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है !
"मैं हज़ारों से मिल रहा हूँ,सैकड़ो से बातें करता हूँ,कमी तुम्हारी पूरी ना हुई,सब में तुम्हीं को ढूंढ रहा हूँ l"
मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है …..मिल जाये तब भी और ना मिले तब भी !!
मिलेंगे आँधियाँ बहुत रास्ते में,हमें फिर भी चलना है lबहुत देर करनी है रौशनी,इसलिए थोड़ा धीरे जलना है l