दास्तान मेरे लाड – प्यार की बस
एक हस्ती के इर्द – गिर्द घुमती है
दास्तान सुनाओ और मजाक बनजाऊं बेहतर तो यह है कि थोड़ा सामुस्कुराओ और खामोश हो जाऊं..
जाऊं बेहतर तो यह है कि थोड़ा सा
मुस्कुराओ और खामोश हो जाऊं..
चाँद से रौशन जैसी तेरे चेहरे
को देख के मैं सुलझ जाऊ,
एक दफ़ा तु लगा ले गले मुझे,
दिल चाहता है की तेरे ज़ुल्फ़ों मे उलझ जाऊ!!
तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा,हम चाहते ही क्या थे तुमसे “तुम्हारे सिवा
दुनियाँ के शर्तो से बंध जाये शायद ये जीवन,अच्छा है सबसे तुमसे बंधा मेरा प्रेमी मन l
हजारों से करूं इश्क़,ये फितरत नहीं हमारी,पर तुमसे इश्क़ मैं, हजारों बार कर जाऊँगा l