बेकाबू हो जाती है उस वक्त धड़कन मेरी,
जब तुम आहिस्ता आहिस्ता मेरे करीब आते हो!
मोहब्बत में "हां और ना" दोनों एक ही शब्द है.
जिन्हें जो भी जवाब मिला वो बर्बाद ही हुआ है..
छुप गए वो साज़-ए-हस्ती छेड़ कर
अब तो बस आवाज़ ही आवाज़ है
दास्तान सुनाओ और मजाक बनजाऊं बेहतर तो यह है कि थोड़ा सामुस्कुराओ और खामोश हो जाऊं..
जाऊं बेहतर तो यह है कि थोड़ा सा
मुस्कुराओ और खामोश हो जाऊं..
ये जो मैं हूँ.. कुछ नहीं हूँ.. बस तेरी नज़र का कमाल है lमैं कब सच्चा हूँ, कब झूठा हूँ.. ये मेरे लिए भी सवाल है l
हर चीज़ बिकने लगी है किश्तों परख्वाहिशों पे लगाम कोई कैसे लगाये?