मोहब्बत में "हां और ना" दोनों एक ही शब्द है.
जिन्हें जो भी जवाब मिला वो बर्बाद ही हुआ है..
ख़ुदा करे कि तुमको “जुदाई” न मिले,
कभी भी तुमको “तन्हाई” ना मिले,
मुझे “Message” ना करो तो कुछ ऐसा हो,
कि मौसम हो सर्दी का और तुमको “रजाई” ना मिले…
ऐसी अपनी वाईफ हो,
जींस जिसकी टाईट हो,
चेहरा जिसका व्हाईट हो,
बालों में स्टाईल हो,
होंठों पर स्माइल हो,
इंडिया कि पैदाईश हो,
सास की सेवा जिसकी ख्वाहिश हो,
तो क्या हसीन लाईफ हो।
बदलना आता नहीं हमें मौसम की तरह,
हर इक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं,
ना तुम समझ सकोगे जिसे क़यामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं।
मेरी खमोशियो के राज़ ख़ुद मुझे ही नहीं मालूम…
जाने क्यू लोग मुझे मगरूर समझते है…