जब भरोषा टूट जाता है तब sorry,
का कोई मतलब नहीं होता...!!
सुबह की चाय,घर की बालकनीतुम्हारे य़ादों का साथ खास है lयही सिलसिला है रोज का ,तुमसे ही चाय की मिठास है l
उठना, गिरना ,संभलना चलता रहता है ,यही ज़िन्दगी है ज़नाब !सांसो का आना जाना जब तक है ,हंसना ,रोना ,मुस्कुराना चलता रहता है l
कुछ बातें इतनी गंभीर होती है,कि वो केवल मजाक में ही कि जा सकती है
"ना खुश होता हूँ, ना उदास होता हूँ,तुम नहीं होती, पर तेरे पास होता हूँ,पागलों सा भागता हूँ,तलाश में खुद के,बताता नहीं हूँ पर, इंतज़ार में होता हूँ l"
तुम्हें देखे बिना हम तो ना रह पायेंगे,नज़र चुराते है, नज़र मिलते ही आँख भर आएंगे l