यूं वक़्त को बर्बाद न किया कर,
गर वक़्त चाहे तो तुझे बर्बाद कर देगा !!
मीलों का सफर एक पल में बर्बाद हो गया…
जब अपनों ने कहा कहो कैसे आना हुआ…!!
ज़ुल्फ़ तेरी एक घनेरी शाम
की बदल है,
जो हर शाम रंगीन कर दे, ऐसी
वो तेरी आँचल है !!
खूबसूरत ज़िस्म हो या सौ टका ईमान…
बेचने की ठान लो तो हर तरफ बाज़ार है!
रूह ने कई बार मुझ से अकेले में कहाजी लिए हो तो चलो जिस्म बदल कर आयें
हर रोज, चुपके से, निकल आते हैं नये पत्ते ।यादों के दरख़्तों में, मैंने, कभी पतझड़ नहीं देखा ।।