ख़ुद को भूला हूँ उस को भूला हूँउम्र भर की यही कमाई है ...
ज़िंदगी चाहे
जितना उलझायेगी,
तुम थामे रहना
डोर मजबूती से,
मैं दूसरा छोर
ढूंढ लाऊँगा l
कई कारवाँ हो लिए उसकी तरफ,अब शायद मैं उसकी नज़र में नहीं..
भक्तो का दुःख ये लेती हैं,
उनको अपार सुख देती हैं,
नैनो में जो माँ दुर्गा को बसाते,
बिन माँगे ही सब कुछ पाते.
नवरात्रि की शुभकामनाएँ
Pyar Bhari shayari