ख़ुद को भूला हूँ उस को भूला हूँउम्र भर की यही कमाई है ...
कई कारवाँ हो लिए उसकी तरफ,अब शायद मैं उसकी नज़र में नहीं..
"होती हो ओझल नज़रों से,
ढूंढ़ती है आँखे तुम्हें,
जैसे खोजता कोई शहर-शहर,
ऑक्सीजन सैलेंडर है l"
भक्तो का दुःख ये लेती हैं,
उनको अपार सुख देती हैं,
नैनो में जो माँ दुर्गा को बसाते,
बिन माँगे ही सब कुछ पाते.
नवरात्रि की शुभकामनाएँ
खुदा करे हर साल चाँद बन के आए,
दिन का उजाला शान बन के आए,
कभी दूर ना हो आपके चेहरे से हंसी,
ये होली का त्यौहार ऐसा मेहमान बन के आए.