हमने अपनी यादों के बागीचे में
तेरी यादों के पौधे को सींच कर रख रखा था
पर आप हमे अपनी यादों के बगीचे में
लगी गंदी घास समझ कर भूल गये।
माना नाराजगी की हद सिर्फ इतनी है की आप थोड़े दिनों तक हमसे बात नहीं करोगे मगर ....... इन हदों को तोड़ आपने तो हमे भुला ही दिया।
माना नाराजगी की हद सिर्फ इतनी है की
आप थोड़े दिनों तक हमसे बात नहीं करोगे
मगर .......
इन हदों को तोड़ आपने तो हमे भुला ही दिया।
मन को, मन से बताऊँगा,मन से मिल,फिर मन का हो जाऊँगा l
दायरों में बंद हमारा प्यार,जाने कब तक हमें तड़पायेंगेहोते पंक्षी तो कोई बंदिश ना होती,पंख हमारे रोज हमें मिलवाते l
सोचा किसी ख़ास से बात करे,
अपने किसी अपने को याद करें.
किया जो निर्णय नए साल की शुभकामनाएं देने का,
दिल ने कहा क्यों न आरम्भ आप से करें.
HAPPY NEW YEAR 2021