सोचा किसी ख़ास से बात करे,
अपने किसी अपने को याद करें.
किया जो निर्णय नए साल की शुभकामनाएं देने का,
दिल ने कहा क्यों न आरम्भ आप से करें.
HAPPY NEW YEAR 2021
तेरे पास में बैठना भी इबादत
तुझे दूर से देखना भी इबादत …….
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत…
शाम भी खास है, वक़्त भी खास है,
तुझको भी एहसास है, तो मुझको भी एहसास है,
इससे जयादा मुझे और क्या चाहिए,
जब मैं तेरे पास, और तु मेरे पास है
Yuhi aankhon se ansu bahte nahi,
Kisi aur ko hum apna kahte nahi,
Ek tum hi ho jo ruk se gaye ho zindagi mein,
Varna rukne ke liye hum kisi ko kahte nahi…
पुराने शहरों के मंज़र निकलने लगते हैंज़मीं जहाँ भी खुले घर निकलने लगते हैं
मैं खोलता हूँ सदफ़ मोतियों के चक्कर मेंमगर यहाँ भी समन्दर निकलने लगते हैं