मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का,
मैं हूँ ख़ामोश जहाँ, मुझको वहाँ से सुनिए।
एक तुम ही मिल जाते बस इतना काफ़ी था,सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
उड़ने दो रंगों को इस बेरंग जिंदगी में,
एक त्यौहार ही तो है जो हमें रंगीन बनाते है.
Happy Holi
हर किसान को सरकारी क्रय केंद्र पर अनाज बेचना चाहिए,
अपने अनाज और मेहनत का एकदम सही मूल्य लेना चाहिए.
उड़ जायेंगे तस्वीरों से रंगो की तरह हम,वक़्त की टहनी पर हैं परिंदो की तरह हम।