पलट कर देख लेना, जब सदा दिल की सुनाई दे,
मेरी आवाज में शायद, तेरा चेहरा दिखाई दे…!
एक तुम ही मिल जाते बस इतना काफ़ी था,सारी दुनिया के तलबगार नहीं थे हम।
"दोष अपना टालते है,
दूसरे पे डालते है,
जिम्मेदारी लोगों के सीने में सोती है
भारत माँ, अपने भाग्य पे रोती है l
जब चलना अपने पैरो पर है ,
तो औरों पे भरोसा क्यों ?
होली है दिवाली मत समझना,
हम तुम्हारे घर आए तो मवाली मत समझना.
Happy Holi
हर किसान को सरकारी क्रय केंद्र पर अनाज बेचना चाहिए,
अपने अनाज और मेहनत का एकदम सही मूल्य लेना चाहिए.