अब ये न पूछना के मैं अलफ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ,कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के कुछ अपनी सुनाता हूँ।
अब ये न पूछना के मैं अलफ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ,
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के कुछ अपनी सुनाता हूँ।
इतनी सारी शिकायतें थी उनके आने से पहले,उन्होंने आकर हाल क्या पूछा,अपनी शिकायतों पे गुस्सा आ गया।
इतनी सारी शिकायतें थी उनके आने से पहले,
उन्होंने आकर हाल क्या पूछा,
अपनी शिकायतों पे गुस्सा आ गया।
ना किसी के आभाव में ✌️जियो,
ना किसी के प्रभाव में जियो,
ज़िन्दगी आपकी है बस अपने
मस्त स्वभाव में जियो।
— Good Morning —
आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो
उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते