Jai Mahakaal Shayari
झुके बार-बार जो पत्थर के आगे,उसे गुमा होगा वो खुदा हो जायेगा lमिला रहमो पे मोह्हबत तो क्या !एक ना एक दिन वो बेवफा हो जायेगा l
"ये इश्क़ की अजीब बीमारी हैहर धुन से अपना राब्ता लगता हैकंही दूर, कैसी भी आवाज़ हो,आवाज़ उसने दी ऐसा लगता हो "
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता