जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।
जिद में आकर उनसे ताल्लुक तोड़ लिया हमने,
अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम भी हैं।
"बड़ी आरजू होती है किमिलकर तुमसे ये-वो कहेंगे,और हर बार उलझ जाते है,आँखों में और बात भूल जाते है l"
"शिकायत करूं, तो नाराज़ हो जाती है,उम्मदगी में अपनी, मैं हार जाता हूँ,मोह्हबत है, और फ़िक्र भी ना आए,ऐसी जिल्लत वाली इश्क़ में मर जाता हूँ l"
Chand taaron se raat jagmagane lagi.
Good Night Shayari
हर एक रात को महताब देखने के लिए
मैं जागता हूँ तिरा ख़्वाब देखने के लिए