कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,आगोश में रहा,ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,मैं उनका रहा.
कल रात भर मैं, ख्वाब में उसके,
आगोश में रहा,
ख्वाब ही सही, मगर कुछ #पल तो,
मैं उनका रहा.
कितना रोया था मैं तेरी खातिर
अब सोचता हूँ तो हंसी आती है ..
औऱ फ़िर बिछड़ कर ये तो होना ही था ।अब समन्दर जितनी प्यास लिए फ़िरते हैं दोनों ।।
अभी कुछ वक़्त और ठहराना होगा,पिघलने से पहले और तपना होगा l
"हर सुबह अंतिम और शाम आख़री हो सकती है,दो पल की ज़िंदगी, एक पल में बड़ी हो सकती है,
बीते साल को भूल जाएँ
आने वाले साल को गले लगाएँ
करते हैं हम प्रार्थना ईश्वर से
इस साल सारे सपने पूरे हों आपके
नव वर्ष की बहुत बहुत शुभकामनाएं