मेरे सपनों को तोड़ने को,नींद मुझसे लड़ती रही lमुझे भी जिद थी, जितने की,मैं एक पल भी सोया नहीं l
चारो तरफ हो खुशियाँ ही खुशियाँ,
मीठी पूरनपोली और गुजियां ही गुजियां
द्वारे सजती सुंदर रंगोली की सौगात
आसमान में हर तरफ पतंगों की बरात
सभी का शुभ हो नव वर्ष हर बार
फूलों की तरह खिलते रहो,
सूरज की तरह चमकते रहो,
और सारा दिन आप हँसते रहो..!
कदम डग मगा गये युही रास्ते से
वरना सम्भलना हम भी जानते थे,
ठोकर लगी तोभी उस पत्थर से
जिसे हम अपना खुदा मानते थे।।
मैंने ज़माने के एक बीते दोर को देखा है
दिल के सुकून को और गलियों के शोर को देखा है
मैं जानता हूँ की कैसे बदल जाते हैं इन्सान अक्सर
मैंने कई बार अपने अंदर किसी ओर को देखा है।
Zulfe Teri Bikhri Bikhri Aur Anchal Bhi Sar Se Sarka
Dekh Ke Tera Yaovan Gori Tb Dil Mera Bhi Behka