खुशबू बनकर तेरी सांसो में समा जाएँगे,
सुकून बनकर तेरे दिल में उतर जाएँगे,
महसूस करने की कोशिश तो कीजिए,
दूर रहते हुए भी पास नज़र आएँगे!!
हम हवा नहीं जो खो कही जायेंगे,
वक़्त नहीं जो गुज़र जायेंगे,
हम मौसम नहीं जो बदल जायेंगे,
हम तो आंसू है जो ख़ुशी और
गम दोनों में साथ निभाएंगे.
कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर!
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर!
ये देगी उतना ही, जितना लिख दिया खुदा ने!
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर!
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा