जिस पर हमारी आँख ने मोती बिछाए रात भर…
भेजा वही काग़ज़ उसे हम ने लिखा कुछ भी नहीं!
आधे तेरी याद के, आधे फरियाद के,
लम्हे जितने गुज़रे सारे बर्बाद थे…
"तुम्हारे साथ जिंदगी आसान लगती है,ऐसे जाने क्यों, बहुत परेशान लगती है l"
"थामना चाहते थे हाँथ दोनों एक दूसरे का,एक ने ज़माने के नाम पे छोड़ दी,एक ने मोह्हबत के नाम पे छोड़ दी l"
दुःख का एक लम्हा किसी के पास न आये
हर दुआ मे शामिल तेरा प्यार है..
बिन तेरे लम्हा भी दुशवार है..
धड्कनों को तुझसे ही दरकार है..
तुझसे हैं राहतें.. तुझसे है चाहतें.