"रो देती है हर बार जब आँगन से जुदा होती है,बेटियांँ एक बार नहीं कई बार विदा होती है।।"
स्त्री के आँसू अंधेरे में भी दिखते हैं,मगर पुरूष के आँसू उसके तकिये को भी नहीं दिखाई देते ।
"एक बटन के फासले पे ज़िंदगी थी,किसी से पहले पर दबाया ना गया lमिट जाते सारे दिलों के फासले 'जाना',इश्क़ में अहं को भुलाया ना गया l"
चलो मत छोड़ना ये डोर .
थामे रहना यूँ ही,
मैं इंतजार कर लूँगी……
एक जन्म तन्हा और सही….!!
तुम्हें अपने आँगन के पेड़ की,याद नहीं आती..खिड़की पे जो मिलती थी नज़र,वो एहसास आँखों में नहीं आती l
आँखे तो प्यार में दिल की जुबान होती है,
चाहत तो सदा बेजुबान होती है,
प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना,
सुना है दर्द से चाहत और जवान होती है.