कल शाम की अंतिम मुलाकत ,
और सुबह तुमसे बात अच्छा लगता है l
हर बार तुमसे मिलना ,
पहली बार लगता है l
रेत पर लिखी बात को लहरें मिटा देती है,वो कहती नहीं पर हर बात बता देती है lलिखती है वो खत अकेले में ,खुद पढ़ती है और फिर जला देती है l
वो जो मरने पे तुला है,उसने जी कर भी तो देखा होगा ।
Good Morning
क्लास में आख़िरी बेन्च पर जो कुरेद कर तुम्हारा नाम लिखा था,
ज़िन्दगी की सब से लम्बी कहानी वही तो थी ….
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता