ज़िन्दगी चाहे लिख रही हो काजल के गीत...!. . ख्वाब पलकों पे हमारी सुनहरे ही रहते हैं...!!
"मैं बन के बादल, कंही भी बरस जाता,तुमसे मिलके फिर,मैं कहाँ तक जाता,तय है कि नदी बन, बहना है तेरी ओर,झरना मिलने कभी, समंदर नहीं जाता l"
"मेरे बस में होता तो, एक पल भी तुमसे दूर ना होता,तुम्हारी बाहों में गुजरती रात, फिर कभी दिन ना होता l"
नए वर्ष में हर रोज खुशियों की बरसात होगी
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
तैरना तो आता था हमें मुहब्बत के समंदर में
लेकिन जब उसने हाथ ही ना पकड़ा तो डूब जाना ही अच्छा था