खाली वक़्त में कभी याद आऊंसमझ लेना तुम्हारे अंदर कहीं जिन्दा हूँ मै।
खाली वक़्त में कभी याद आऊं
समझ लेना तुम्हारे अंदर कहीं जिन्दा हूँ मै।
हिम्मत वाले पल में बदल देते हैं दुनिया को,
सोचने वाला दिल तो बैठा सोचा करता है.
सुबह की चाय,घर की बालकनीतुम्हारे य़ादों का साथ खास है lयही सिलसिला है रोज का ,तुमसे ही चाय की मिठास है l
दरारें मत आने दीजिए,चाहे रिश्ता हो या दीवारें,बाहरी हवा अक्सर वहीं..अपना रास्ता बना लेती है।
किसी बहाने पास मेरे रुक जाना,ख्वाब में भी मुझ से दूर ना जाना,बात तेरे जाने की रुला गई मुझे,मरने से पहले मुझको मार ना जाना l
"बैठे-बैठे एक मुस्कुराहट,ओंठो पे आ गई,कोई बात तुम्हारी प्यारी, जहन में आ गई,लोगो ने पूछा क्या है, क्यों हँस रहे हो,उन्हें क्या बताता, तुम कैसे पागल बना गई l"