चलो ख़ामोशियों की गिरफ़्त में चलते है…बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जायेंगे
चलो ख़ामोशियों की गिरफ़्त में चलते है…
बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जायेंगे
"मेरा दिल मोह्हबत में तुमको, कहाँ पाना चाहता है,बना के खुदा तुम्हें ,दिल मीरा हो जाना चाहता है l"
"ना वो पूछती है, ना मैं बताता हूँ,अचानक मैं गुम-सा हो जाता हूँ,फिर मिलता हूँ पहली बार की तरह,इश्क़ फिर नया उसी से कर जाता हूँ l"
हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना,
तुम्हारी चाहत ही हमारी जिंदगी हैं,
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना.
सुबह का उजाला सदा आपके साथ हो, हर दिन हर पल आपके लिये खास हो,
दिल से दुआ निकलती है आपके लिये, सारी बात खुशियां आपके पास हो
तुमसे ही रूठ कर तुम्ही को याद करते हैं
हमे तो ठीक से नाराज़ होना भी नही आता