Motivational Suvichar
“अहंकार” दूसरों को झुकाकर कर खुश होता है,
“संस्कार” स्वयं झुककर खुश होता है..!
दुनिया की भीड़ में,
सबसे करीब जो है|
मेरे पापा मेरे खुदा,
मेरी तक़दीर वो है |