मोहब्बत ना सही, मुकदमा ही कर दे मुझ पर, कम से कम तारीख दर तारीख मुलाकात तो होगी...!!
हाथी घोड़ा पाल की, जय कन्हैया लाल की|जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
जिंदगी में सब लोग दोस्त या रिश्तेदार बनकर ही नहीं आते कुछ लोग सबक बनकर भी आते है|
जिंदगी यूं ही बहुत कम है मोहब्बत के लिए;रूठ कर वक़्त गवाने की ज़रुरत क्या है !