हद ना पूछो मेरीबेबसी की तुम..मै दर्द बयां करता हूंऔर तू हंसकर सुनती है..!
हद ना पूछो मेरी
बेबसी की तुम..
मै दर्द बयां करता हूं
और तू हंसकर सुनती है..!
पता तो मुझे भी था पर यह नहीं पता था,की सच बोलने पर रिश्ते बिखर जाते है.
पता तो मुझे भी था पर यह नहीं पता था,
की सच बोलने पर रिश्ते बिखर जाते है.
जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं,
क्या समझते हो उसे कोई गम नहीं,
तुम तड़प कर रो दिये तो क्या हुआ,
गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं.
ज़िदगी जीने के लिये मिली थी,
लोगों ने सोच कर गुज़ार दी……
जुबां खुली पर कुछ कह न पाए , आँखों से चाहत जता रहे थे !
सुबह की चाहत लिए नज़र में , रात नज़र में बिता रहे थे !!
Labo se tut gaye guftagu ke sab rishte
wo dekhta hei to bas dekhta hi rahta hei..