यहां तो लोग अपनी गलती नहीं मानतेफिर किसी को अपना कैसे मानेंगे
यहां तो लोग अपनी गलती नहीं मानते
फिर किसी को अपना कैसे मानेंगे
ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है;जहां कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है!
ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है;
जहां कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है!
बहनों को भाइयों का साथ मुबारक हो
भाइयों की कलाइयों को बहनों का प्यार मुबारक हो
रहे ये सुख हमेशा आपकी जिन्दगीं में
आप सबको राखी का पावन त्यौहार मुबारक हो
गुज़र गया वो वक़्त जब तेरे तलबगार थे हम.
अब खुद भी बन जाओ तो सजदा न करेंगे..!
कितने आंसू बहूँगा उस बेवफा के लिए
जिसको खुदा ने मेरे नसीब मैं लिखा ही नहीं….
Itne Lamhe Guzare Hai Tere Saath Humne
Ke Aaj Ek Lamha Tanha Guzarna Mushkil Hain.