मैंने कब कहा तू मुझे गुलाब दे...
या फिर अपनी मोहब्बत से नवाज़ दे...
आज बहुत उदास है मन मेरा.....
गैर बनके ही सही तू बस मुझे आवाज़ दे...!!
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्ताँ सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं और बयाँ हमसे होगा नहीं|
सुनो एक बार और मोहब्बत करनी है तुमसे लेकिन इस बार बेवफाई हम करेंगे...
शायर बनना बहुत आसान है...
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए...
घमंड न करना जिन्दगी मे तकदीर बदलती रहती है,शीशा वही रहता है बस तस्वीर बदलती रहती है...
तेरा इंतज़ार मुझे हर पल रहता है,हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है,तुझ बिन धड़कने रुक सी जाती है,क्योकि तू मेरे दिल में धड़कन बनकर रहता है|