गम के अंधेरे में दिल को बेकरार कर,
सुबह जरूर होगी थोड़ा तो इंतजार कर॥
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ सेतेरी आंखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से
वो गई कुछ इस तरह,छोड़ के,इंतज़ार करता रहा, हर मोड़ पे l
वक़्त का इंतज़ार कीजिये जनाब
इस बार हम नहीं आप हमसे मिलने आएंगे
और क्या देखने को बाक़ी है
आप से दिल लगा के देख लिया