एक सवाल पूछती है मेरी आत्मा अक्सर, मैने दिल लगाया या जिन्दगी दांव पर!
एक सवाल पूछती है मेरी आत्मा अक्सर,
मैने दिल लगाया या जिन्दगी दांव पर!
मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ…..कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है !
"मैं हज़ारों से मिल रहा हूँ,सैकड़ो से बातें करता हूँ,कमी तुम्हारी पूरी ना हुई,सब में तुम्हीं को ढूंढ रहा हूँ l"
"मुह पर जो लोग हमारी वाह वाह करते हैं llपीठ के पीछे वही लोग हाय हाय करते हैं ll"
मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है …..मिल जाये तब भी और ना मिले तब भी !!
बात कुछ भी हो, ये दिल उन्हें दूर मानता ही नहीं,कस्तूरी थी मृग के अंदर, पर वो जानता ही नहीं l