मेरी मंज़िल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास हैगुमान नहीं मुझे इरदों पे अपनेये मेरी सोच अौर हौंसलों का भी विश्वास है
मेरी मंज़िल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है
गुमान नहीं मुझे इरदों पे अपने
ये मेरी सोच अौर हौंसलों का भी विश्वास है
ख़्वाब टूटे हैं मगर हौंसले ज़िन्दा हैंहम वो हैं जहॉ मुश्किलें शर्मिदा हैं…!!
ख़्वाब टूटे हैं मगर हौंसले ज़िन्दा हैं
हम वो हैं जहॉ मुश्किलें शर्मिदा हैं…!!
यूँ जमीन पर बैठकर क्यों आसमान देखता हैं,पंखों को खोल जमाना सिर्फ़ उड़ान देखता है.
यूँ जमीन पर बैठकर क्यों आसमान देखता हैं,
पंखों को खोल जमाना सिर्फ़ उड़ान देखता है.
मुश्किलें जिन्दगी में सबको करती है तंग,जीत जाते है वो जो हिम्मत रखते है संग.
हजारों से करूं इश्क़,ये फितरत नहीं हमारी,पर तुमसे इश्क़ मैं, हजारों बार कर जाऊँगा l
दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम
तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे