अंदाज़ मुझे भी आते है नजर अंदाज करने की
पर तु तकलीफ से गुजरे ये मुझे गवारा नहीं
हर चीज़ बिकने लगी है किश्तों परख्वाहिशों पे लगाम कोई कैसे लगाये?