किस जुर्म में छीनी गई मुझसे मेरी हँसी?
मैने तो किसी का दिल दुखाया भी ना था
रेत पर लिखी बात को लहरें मिटा देती है,वो कहती नहीं पर हर बात बता देती है lलिखती है वो खत अकेले में ,खुद पढ़ती है और फिर जला देती है l
वो जो मरने पे तुला है,उसने जी कर भी तो देखा होगा ।
जो रोज दिल को दे सुकून,वो प्यार है lमिले सोने को और मोहलत,तो रविवार है l