कोई तो है मेरे अन्दर मुझे संभाले हुए…
मैं बेकरार सा होकर भी बरकरार रहता हूं!
ख़ुदकुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है,इस लिए इश्क में मर-मर के जिया करते हैं।
नज़र अंदाज़ करते हो तो, लो हट जाते है
नज़रों से!इन्हीं नज़रों से ढूँढोगे,
नजर जब हम नहीं आएंगे
दुनिया ने भले हमें जुदा कहा,हमने दिल से कभी ना उन्हें,अलविदा कहा l"
ऐसा नही की आपकी याद आती नही,ख़ता सिर्फ़ इतनी है के हम बताते नही!