कितना जगमगाओगे आसमान ऐ खुदाअब धरती के सितारे ख़त्म हो गए है
वो बात -बात पे नराज़ हो जाते है,
और इधर बात करने का वक़्त नहीं l
“दिन तेरे ख़याल में गुजर जाता हैं,
रातों को भी ख़्याल तेरा ही आता हैं,
कभी ये ख़्याल इस तरह बढ़ जाता है की,
आईने में भी तेरा ही चेहरा नज़र आता हैं.”
वह सरकार टिक नही पायेगी,
जो किसानों का हित नही चाहेगी.