“दिन तेरे ख़याल में गुजर जाता हैं,
रातों को भी ख़्याल तेरा ही आता हैं,
कभी ये ख़्याल इस तरह बढ़ जाता है की,
आईने में भी तेरा ही चेहरा नज़र आता हैं.”
चेहरे पर हंसी छा जाती है,
आँखों में सुरूर आ जाता है,
जब तुम मुझे अपना कहते हो,
मुझे खुद पर गुरुर आ जाता है।
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!
ये वक़्त बेवक़्त मेरे ख्यालों
में आने की आदत छोड़ दो तुम,
कसूर तुम्हारा होता है और
लोग मुझे आवारा समझते हैं
टूटे हुए दिल भी धड़कते है उम्र भर,चाहे किसी की याद में या फिर किसी फ़रियाद में।