पता है कौन हूं मैं
और कहां मुझे जाना है
मेरे महादेव ही मेरी मंजिल
उनके चरणों में ही मेरा ठिकाना है
महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं।
शिव की नेत्र ज्योति से नूर मिलता है
हर भक्त के दिल को सुकून मिलता है
जो भी जाता है मेरे भोले के द्वार
मन मांगा वरदान ज़रूर मिलता है
लगा कि डूबेंगे, लेकिन तैर आएंगे
हम भोले के भक्त हैं, हार कर नहीं जाएंगे।
इंसान को हमेशा मृदु भाषी लोगों ही कष्ट पहुंचते हैं,
क्योंकि सत्य और कड़वा बोलने वालों को तो खुद ही हम दूर कर देते हैं.