इंसान को हमेशा मृदु भाषी लोगों ही कष्ट पहुंचते हैं,
क्योंकि सत्य और कड़वा बोलने वालों को तो खुद ही हम दूर कर देते हैं.
जो बांधने से बंधे… और तोड़ने से टूट जाये…
उसका नाम है “बंधन”
जो अपने आप बन जाये… और जीवन भर ना टूटे…
उसका नाम है “संबंध”
गुस्सा करना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा ही है –
क्यूंकि आप जिसपे गुस्सा करते हैं उससे ज्यादा आपका खुद का नुकसान हो जाता है
उम्मीद ऐसी हो जो मंजिल तक ले जाये,
मंजिल ऐसी ही जो जीना सिखलाये,
जीना ऐसा हो जो रिश्तों की कदर करे,
रिश्ते ऐसे हों जो याद करने को मजबूर करें।
दुनिया में सब चीज मिल जाती है,….
केवल अपनी गलती नहीं मिलती…..