वो मिलते है,तो आँखों में बस जाते है,चेहरे पे आते उनके बालो में,हम उलझ जाते है lकैसे कहे कितनी मोह्हबत है,लफ्ज़ कम पड़ जाते है l
नज़र मिले तो नाईट कर्फ्यू लग जाये,वो मिले तो पूरा लॉकडाउन हो जाये,हवा में जैसे फैल रहा जहर कोरोना का,इससे अच्छा तो मोह्हबत से ही ग्रस्त हो जाये l
दुनियाँ बदलने की ख़्वाहिश थी,
तुम्हारी मोह्हबत में,
ना जाने खुद कितना बदल गये l❤
ऐ मोह्हबत!
तेरे घर का पता
मिला भी तो क्या,
अब पूरे शहर में,
लॉकडाउन लगा है..🏡
रंगों की बौछार हो जाए,
इस होली कुछ खास हो जाए,
यारों से मिले सब यार,
बस फिर भंग का जाम हो जाए.