रोज सुबह पेड़ों कोखड़े हो लगातार देखता हूँ,ये हमें सिखाते है,हर मौसम में जिंदा रह जाना l
साँसो के रोकने से धड़कने रूकती नहीं,एक साथ चाहिए तेरा,ये सफ़र अकेले कटता नहीं lकैसे कहूँ कितनी मोह्हबत है,लफ्ज़ कम पड़ जाते है l
"आँखें खोलते ही ज़िंदगी,
दहशत में नज़र आ रही है,
ना जाने कितनी गलतियों का,
हिसाब एक साथ चुका रही है l"
Good Morning Shayari