सच्ची मोहब्बत का अंजाम अगर विवाह होता,
तो रुक्मणि की जगह राधा का स्थान होता।।
रात गुज़री फिर महकती सुबह आई,
दिल धड़का फिर आपकी याद आई,
आँखों ने महसूस किया उस हवा को,
जो आपको छूकर हमारे पास आई!
सुप्रभात!
रोज सुबह पेड़ों कोखड़े हो लगातार देखता हूँ,ये हमें सिखाते है,हर मौसम में जिंदा रह जाना l
साँसो के रोकने से धड़कने रूकती नहीं,एक साथ चाहिए तेरा,ये सफ़र अकेले कटता नहीं lकैसे कहूँ कितनी मोह्हबत है,लफ्ज़ कम पड़ जाते है l