जो सुनता हूँ सुनता हूँ मैं अपनी ख़मोशी सेजो कहती है कहती है मुझ से मेरी ख़ामोशी
"इतवार को मिले फुर्सत,तुमसे मिलने की हसरत,ये दो ख़्वाब है जो,रोज मैं देखता हूँ l"
"कैसे कहे कितनी मोह्हबत है,लफ्ज़ कम पड़ जाते है l"
उड़ने दो रंगों को इस बेरंग जिंदगी में,
एक त्यौहार ही तो है जो हमें रंगीन बनाते है.
Happy Holi
उड़ जायेंगे तस्वीरों से रंगो की तरह हम,वक़्त की टहनी पर हैं परिंदो की तरह हम।