लफ्ज़ो को तो दुनिया समझती हैकाश कोई ख़ामोशी भी समझता।
चाहने वाले तो मिलते ही रहेंगे,
तुझे सारी उम्र . . !
बस तू कभी जिसे भूल न पाए,
वो चाहत यकीनन हमारी होगी।
जी है बड़ी बादशाहत से जिंदगी,उम्मीद है आगे भी रहेगी कायम lकुछ पल का जलजला है,आगे तो फिर है सुकून बिन कोई गम l
चार दीवारों के अलावा भी,घर में कुछ होता है,दो बाहें होती है औरएक दिल होता है...
आँधियों को पैरों तले दबा के चल,
मंजिलों की औक़ात नही तुझसे दूर रहने की,
विश्वास इस क़दर खुद में जगा के चल.