लौटा जब वो बिना जुर्म की सजा काटकर,
सारे परिन्दें रिहा कर दिए उसने घर आकर.
अब ये न पूछना के मैं अलफ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ,कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के कुछ अपनी सुनाता हूँ।
अब ये न पूछना के मैं अलफ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ,
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के कुछ अपनी सुनाता हूँ।
इतनी सारी शिकायतें थी उनके आने से पहले,उन्होंने आकर हाल क्या पूछा,अपनी शिकायतों पे गुस्सा आ गया।
इतनी सारी शिकायतें थी उनके आने से पहले,
उन्होंने आकर हाल क्या पूछा,
अपनी शिकायतों पे गुस्सा आ गया।
ना किसी के आभाव में ✌️जियो,
ना किसी के प्रभाव में जियो,
ज़िन्दगी आपकी है बस अपने
मस्त स्वभाव में जियो।
— Good Morning —
ज़िंदगी जब देती हैं तो एहसान नहीं करती
और जब लेती हैं तब लिहाज नहीं करती,
दुनिया में दो पौधे ऐसे हैं जो मुरझाते नहीं हैं,
और अगर मुरझा गए तो उनका कोई इलाज़ नहीं होता.
पहला- निःस्वर्थ प्रेम
दूसरा- अटूट विशवास
सुप्रभात