तुम चुपके से निकलते हो,मैं मुस्कुरा देखता हूँ..तुमसे मिला कर नज़र,खुद को फ़ना करता हूँ..
"मोह्हबत में पाने की उम्मीद क्यों है, जाना,है ख्वाब ही अब जीने का सहारा माना,नींद मिल भी जाये तो क्या होगा,एक वो है जो मेरे अंदर सोता नहीं, जाना l"
"मुश्किलों में जो साथ रहा है,बस वही खुदा का बंदा है l"
ना किसी के आभाव में ✌️जियो,
ना किसी के प्रभाव में जियो,
ज़िन्दगी आपकी है बस अपने
मस्त स्वभाव में जियो।
— Good Morning —
वह अपने करम उँगलियों पर गिनते हैं,
पर ज़ुल्म का क्या जिनके कुछ हिसाब नहीं
हम दूर तक यूँ ही नहीं पहुंचे ग़ालिब ,
कुछ लोग कन्धा देने आ गए थे...