दिल की धड़कन को कौन समझेगा।
मेरी उलझन को कौन समझेगा।
एक बेटी नहीं अगर घर में
घर के आंगन को कौन समझेगा।
प्यार हमेशा हद में रहकर किया जाए,
समय बर्बाद होता है अगर बेहद हो जाए
करने वाले डरा नहीं करते,
डरने वाले करा नहीं करते .
जो करते है डर पे काबू,
उनका दिमाग कभी ना हो बेकाबू .
आने में जो तुम देर लगाती हो ,कहाँ सितारों में खो जाती हो lमेरे कल की गलती का बदला तो नहीं,मुझे सताने को देर तक रास्ते में रह जाती हो l
दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू,
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू,
चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़ कर,
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।
अगर उतर जाते खरे तेरी हर उम्मीद पे,तो इल्ज़ाम बदल जाने का मेरे नाम होता