अपना बादल तलाशने के लिए
उमर भर धूप में नहाए हम
"रो देती है हर बार जब आँगन से जुदा होती है,बेटियांँ एक बार नहीं कई बार विदा होती है।।"
स्त्री के आँसू अंधेरे में भी दिखते हैं,मगर पुरूष के आँसू उसके तकिये को भी नहीं दिखाई देते ।
आज आपकी रात की अच्छी शुरुआत हो,
रात भर खूबसूरत सपनो की बरसात हो,
जिन्हें आपकी निगाहे हर वक्त ढूंढती रहती हैं,
खुदा करे आपसे उनकी सपनो में मुलाकात हो।
Aap Jab Tak Rahenge Aankho Mein Najara Bankar,
Roj Aayenge Meri Duniya Mein Ujala Bankar.
Dafan Karna Mujhe Apni Ankhon Me….
Ye Meri Aakhri Wasiyat Hai..!!