Best gulzar shayari
मेरी फ़ितरत में नहीं था तमाशा करना,
बहुत कुछ जानते थे मगर ख़ामोश रहे…
रात आती है तारें लेकर,नींद आती है ख़्वाब लेकर,दुआ है ये मेरी कि नई सुबह आये कल,तुम्हारे लिए ढेर सारी खुशियां लेकर…Good Night
हो चुकी रात रोशनी बुझा लीजिए,
एक खूबसूरत ख्वाब राह देख रहा है,
बस पलकों का परदा गिरा लीजिए..!!
Good Night
चाय के कप से उठाते धुंए में तेरी सूरत नज़र आती हैं..
कौन कहता है मुझे ठेस का एहसास नहीं,
जिंदगी एक उदासी है जो तुम पास नहीं,
मांग कर मैं न पियूं तो यह मेरी खुद्दारी है,
इसका मतलब यह तो नहीं है कि मुझे प्यास नहीं.