रात आती है तारें लेकर,नींद आती है ख़्वाब लेकर,दुआ है ये मेरी कि नई सुबह आये कल,तुम्हारे लिए ढेर सारी खुशियां लेकर…Good Night
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का,
कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने !
ये सुंदर सी रात है भरपूर तारो की बारात है
हवा बहुत ही गुन गुन है मौसम भी खुब बुल बुल है
इस लवली लवली नाईट मे.
शुभ रात्रि!
हर रात को तुम इतना
याद आते हो के हम भूल गए हैं,
के ये रातें ख्वाबों के लिए होती हैं,
या तुम्हारी यादों के लिए
काश यह जालिम जुदाई न होती!
ऐ खुदा तूने यह चीज़ बनायीं न होती! न
हम उनसे मिलते न प्यार होता!
ज़िन्दगी जो अपनी थी वो परायी न होती!