हँसना हसाना काम हे मेरा इसलिए
तो 'kajal' नाम हे मेरा..
कविता के कई मतलब हो सकते हैपर कविता कभी मतलबी नहीं हो सकती !!
दो मिनट मिल जाएँ आँखे, तो वक़्त ठहर जायेगा,जानती हो!एक समंदर दो आँखों में उतर आएगा l
लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तक़ाज़ा है,
मेरे दिल का दर्द अभी ताज़ा ताज़ा है,
गिर पड़ते हैं मेरे आँसू मेरे ही काग़ज़ पर
लगता है कलम में स्याही का दर्द ज़्यादा है!!
क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर..
हाल हमारा वही है, जो तुमने बना रखा है..
बात दिन की नहीं, अब रात से डर लगता है
घर है कच्चा मेरा बरसात से डर लगता है
प्यार को छोड़ कर तुम और कोई बात करो
अब मुझे प्यार की हर बात से डर लगता है